भारतीय क्रिकेट टीम : में श्रेयस अय्यर का नाम एक बार फिर चर्चा में है। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की T20I सीरीज (जनवरी 2026) के लिए घोषित टीम में श्रेयस अय्यर को अचानक शामिल किया गया है, जबकि पिछले कुछ महीनों से वे T20 फॉर्मेट से बाहर थे। यह फैसला कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए हैरान करने वाला था। आइए जानते हैं कि BCCI और चयन समिति ने श्रेयस को वापस क्यों लाया और इसके पीछे क्या-क्या मजबूत कारण हैं।
मिडिल ऑर्डर में अनुभव और स्थिरता की कमी
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर काफी कमजोर नजर आ रहा था। सूर्यकुमार यादव के अलावा तिलक वर्मा, रिंकू सिंह और नीतीश रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ी हैं, लेकिन बड़े मैचों में लगातार रन बनाने का अनुभव कम है। श्रेयस अय्यर पिछले 2-3 सालों से T20 में भारत के सबसे भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रहे हैं। उनकी स्ट्राइक रेट 140+ और बड़े शॉट्स खेलने की क्षमता टीम को बैलेंस देती है। चयनकर्ताओं को लगा कि युवा खिलाड़ियों को अभी और समय चाहिए, जबकि श्रेयस जैसे अनुभवी खिलाड़ी तुरंत प्रभाव डाल सकते हैं।

ODI और टेस्ट में शानदार फॉर्म, T20 में भी मौका देना जरूरी
श्रेयस अय्यर 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में शानदार फॉर्म में हैं।
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI सीरीज में उन्होंने कई अर्धशतक लगाए।
- इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उन्होंने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
- घरेलू क्रिकेट और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की।
चयन समिति का मानना है कि जब कोई खिलाड़ी सभी फॉर्मेट में अच्छा खेल रहा है, तो उसे T20 से बाहर रखना गलत होगा। खासकर जब टीम को न्यूजीलैंड जैसे मजबूत टीम के खिलाफ मजबूत मिडिल ऑर्डर चाहिए।
कारण 3: इंजरी और रोटेशन पॉलिसी का फायदा
- पिछले कुछ महीनों में सूर्यकुमार यादव और ऋषभ पंत को लगातार खेलने से थकान हो सकती है।
- BCCI की रोटेशन पॉलिसी के तहत बड़े खिलाड़ियों को आराम दिया जा रहा है।
- इस सीरीज में सूर्यकुमार को पूरी तरह आराम नहीं दिया गया, लेकिन मिडिल ऑर्डर में बैकअप की जरूरत थी।
- श्रेयस अय्यर की फिटनेस अब पूरी तरह ठीक है और वे T20 में भी खेलने के लिए तैयार हैं।
- चयनकर्ताओं ने सोचा कि इस सीरीज में उन्हें वापस लाकर टीम को मजबूती दी जा सकती है
- साथ ही युवा खिलाड़ियों को प्रेशर से बचाया जा सकता है।
टीम में श्रेयस अय्यर का रोल क्या होगा?
श्रेयस को नंबर 4 या 5 पर बल्लेबाजी करनी होगी। उनकी भूमिका होगी:
- पावरप्ले के बाद एंकर की भूमिका निभाना
- डेथ ओवर्स में बड़े शॉट्स खेलना
- स्पिन के खिलाफ मजबूत खेल दिखाना (न्यूजीलैंड में स्पिनर्स कम प्रभावी होते हैं, लेकिन फिर भी उपयोगी)
अगर श्रेयस अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो मार्च 2026 में होने वाली T20 वर्ल्ड कप (संभावित) की तैयारी में वे मजबूत दावेदार बन सकते हैं।
फैंस की राय और सोशल मीडिया पर चर्चा
सोशल मीडिया पर फैंस दो हिस्सों में बंटे हुए हैं:
- एक ग्रुप कह रहा है कि श्रेयस का चयन सही है, क्योंकि फॉर्म में हैं।
- दूसरा ग्रुप युवा खिलाड़ियों को मौका देने की बात कर रहा है।
लेकिन अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला संतुलित है। टीम को अनुभव और युवा ऊर्जा दोनों की जरूरत है।
श्रेयस अय्यर का अचानक T20 टीम में वापस आना कोई आश्चर्य नहीं है। मिडिल ऑर्डर की स्थिरता, शानदार मौजूदा फॉर्म और रोटेशन पॉलिसी – ये तीन मुख्य कारण हैं जिन्होंने चयनकर्ताओं को यह फैसला लेने पर मजबूर किया। अब सबकी नजरें न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज पर हैं, जहां श्रेयस अय्यर अपनी वापसी को यादगार बनाने की कोशिश करेंगे।
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