बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट : भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर सनसनीखेज खबर सामने आई है। बीसीसीआई (Board of Control for Cricket in India) अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाया जा सकता है, जिससे विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का डिमोशन हो सकता है। यह खबर 20 जनवरी 2026 को लाइव हिंदुस्तान और अन्य प्रमुख मीडिया हाउसेज में छपी है। आइए जानते हैं इसकी पूरी डिटेल्स, कारण और प्रभाव।
क्या है BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम?
बीसीसीआई हर साल टीम इंडिया के खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट देता है, जो सालाना रिटेनर फीस के रूप में मिलता है। यह मैच फीस से अलग होता है और खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस, फॉर्मेट में उपलब्धता और योगदान के आधार पर कैटेगरी तय होती है।
वर्तमान सिस्टम में चार कैटेगरी हैं:

- A+ – 7 करोड़ रुपये
- A – 5 करोड़ रुपये
- B – 3 करोड़ रुपये
- C – 1 करोड़ रुपये
2024-25 में A+ कैटेगरी में थे: रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा।
A+ कैटेगरी हटने का प्रस्ताव क्यों?
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली सेलेक्शन कमिटी ने बीसीसीआई को सुझाव दिया है कि A+ कैटेगरी को खत्म कर दिया जाए। इसके बाद सिर्फ तीन कैटेगरी रहेंगी – A, B और C। मुख्य कारण:
- सिस्टम को सरल बनाना
- फॉर्मेट-बेस्ड उपलब्धता पर फोकस (खिलाड़ी अब तीनों फॉर्मेट नहीं खेल रहे)
- सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव और फेयरनेस लाना
रिपोर्ट्स (ANI, India Today, NDTV आदि) के अनुसार, यह बदलाव अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के कॉन्ट्रैक्ट पीरियड के लिए लागू हो सकता है। अगर बोर्ड अप्रूव करता है, तो यह फैसला अगले कुछ महीनों में आ सकता है।
विराट कोहली और रोहित शर्मा पर क्या असर?
दोनों दिग्गज अब सिर्फ वनडे (ODI) क्रिकेट खेल रहे हैं। T20I और टेस्ट से रिटायरमेंट के बाद उनकी उपलब्धता सीमित हो गई है। इसलिए:
- विराट कोहली और रोहित शर्मा को B कैटेगरी में रखा जा सकता है।
- इससे उनकी सालाना रिटेनर फीस 7 करोड़ से घटकर 3 करोड़ रुपये रह सकती है (यानी 4 करोड़ की कटौती)।
- रविंद्र जडेजा का भी B में डिमोशन संभावित।
- जसप्रीत बुमराह को A कैटेगरी में रखा जा सकता है।
यह डिमोशन फैंस के लिए झटका है, क्योंकि विराट और रोहित भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारे हैं। लेकिन बीसीसीआई का फोकस अब युवा और मल्टी-फॉर्मेट खिलाड़ियों पर ज्यादा है।
अन्य खिलाड़ियों की स्थिति
- A कैटेगरी में पहले से: शुभमन गिल, केएल राहुल, मोहम्मद सिराज, हार्दिक पांड्या आदि।
- B कैटेगरी में: सूर्यकुमार यादव, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर आदि।
- कुछ युवा खिलाड़ियों को प्रमोशन मिल सकता है, जैसे शुभमन गिल को A+ जैसी
- स्थिति (अगर सिस्टम पुराना रहता) या A में मजबूत पोजिशन।
BCCI का यह फैसला क्यों जरूरी?
बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है, लेकिन अब प्रदर्शन और उपलब्धता पर सख्ती बरत रहा है। A+ कैटेगरी तीनों फॉर्मेट में एक्टिव खिलाड़ियों के लिए थी, लेकिन अब ज्यादातर प्लेयर्स एक या दो फॉर्मेट चुन रहे हैं। इससे:
- बजट मैनेजमेंट बेहतर होगा।
- युवा टैलेंट को ज्यादा मौका मिलेगा।
- सिस्टम ट्रांसपेरेंट और मेरिट-बेस्ड बनेगा।
फैंस की राय और भविष्य
सोशल मीडिया पर फैंस नाराज हैं। कई लोग कह रहे हैं कि विराट-रोहित जैसे लेजेंड्स को उनकी लिगेसी के आधार पर सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन बीसीसीआई का मानना है कि कॉन्ट्रैक्ट परफॉर्मेंस और कमिटमेंट पर आधारित होना चाहिए।
अंत में, यह अभी सिर्फ प्रस्ताव है। अपेक्स काउंसिल की मीटिंग में फाइनल अप्रूवल होगा। क्रिकेट फैंस के लिए यह बड़ा ट्विस्ट है। क्या आप मानते हैं कि A+ कैटेगरी हटनी चाहिए? कमेंट में बताएं!











