उत्तर प्रदेश : में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री (संपत्ति पंजीकरण) के नियमों में बड़ा बदलाव आया है। योगी सरकार ने अब आधार कार्ड के बाद PAN कार्ड को भी अनिवार्य कर दिया है। 6 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश में घर, दुकान, जमीन या किसी भी अचल संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए PAN कार्ड देना और उसका ऑनलाइन सत्यापन (Verification) जरूरी हो गया है। बिना PAN के रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। यह फैसला मुख्य रूप से वित्तीय अपराधों, बेनामी संपत्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लिया गया है, खासकर भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में बढ़ते संदिग्ध लेनदेन को रोकने के लिए।
क्यों लिया गया यह फैसला? मुख्य कारण
योगी सरकार ने जांच में पाया कि नेपाल सीमा से लगे जिलों (जैसे गोरखपुर, महाराजगंज आदि) में संपत्ति रजिस्ट्री की संख्या अचानक बढ़ी है। यहां विदेशी फंडिंग, काले धन के निवेश और अवैध गतिविधियों की आशंका जताई गई। राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी उप निबंधकों को सख्त निर्देश जारी किए।

- पहले क्या था नियम? कुछ समय पहले ही आधार कार्ड को रजिस्ट्री में लिंक करना अनिवार्य किया गया था (1 फरवरी 2026 से लागू)। जिनके पास PAN नहीं होता था, वे फॉर्म 60 भरकर रजिस्ट्री करा लेते थे।
- अब क्या बदला? फॉर्म 60 का विकल्प पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब खरीदार और विक्रेता दोनों को अपना PAN नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना होगा। विभागीय सॉफ्टवेयर में रीयल-टाइम PAN वेरिफिकेशन की सुविधा पहले से उपलब्ध है, जो आयकर विभाग की वेबसाइट से जुड़ा है।
नए नियम कैसे लागू होंगे?
- रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन में PAN का कॉलम अनिवार्य।
- PAN दर्ज करने के बाद तुरंत सत्यापन होगा।
- अगर PAN गलत, निष्क्रिय या फर्जी पाया गया तो आवेदन रिजेक्ट हो जाएगा।
- यह नियम पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है, लेकिन नेपाल बॉर्डर वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
- विभागीय मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा है कि इससे फर्जीवाड़ा, काला धन और बेनामी ट्रांजेक्शन पर पूरी तरह रोक लगेगी। रियल एस्टेट सेक्टर अब और अधिक पारदर्शी बनेगा।
इससे आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
- अगर आपके पास PAN कार्ड नहीं है, तो पहले PAN बनवाना होगा। PAN बनवाना आसान और मुफ्त है (NSDL या UTIITSL के माध्यम से)।
- प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने वाले लोग अब पहले से ज्यादा सतर्क रहेंगे।
- छोटे लेनदेन वाले लोग भी प्रभावित होंगे, क्योंकि कोई छूट नहीं दी गई है।
- यह कदम डिजिटल इंडिया और पारदर्शी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण है।
फायदे क्या हैं?
- पारदर्शिता बढ़ेगी – हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड आयकर विभाग तक पहुंचेगा।
- धोखाधड़ी रुकेगी – फर्जी नामों से संपत्ति खरीदना मुश्किल हो जाएगा।
- राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत – सीमावर्ती इलाकों में अवैध निवेश पर लगाम लगेगी।
- काला धन रोका जाएगा – बिना आय स्रोत के बड़ी संपत्ति खरीदना अब असंभव।
क्या करें अगर PAN नहीं है?
- अगर आप उत्तर प्रदेश में जल्द ही प्रॉपर्टी रजिस्ट्री करवाने वाले हैं
- तो तुरंत PAN कार्ड बनवा लें। ऑनलाइन आवेदन से 15-20 दिनों में
- PAN मिल जाता है। आधार लिंक करवाना भी जरूरी है।
यह नया नियम 6 फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश में रियल एस्टेट से जुड़े सभी लेनदेन सुरक्षित और पारदर्शी बनेंगे। अगर आप प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन नियमों का ध्यान रखें और जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें।










