अनुष्का यादव : बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। अनुष्का यादव ने 8 फरवरी 2026 को एक बेटी को जन्म दिया है, जिसकी खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। लेकिन लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अनुष्का यादव और उनकी नवजात बेटी से उनका कोई संबंध नहीं है। यह अफवाह उनके विरोधियों की साजिश है, जो उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही है। तेज प्रताप ने कहा, “मुझे शांति से जीने दें।”
क्या है पूरा मामला
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि अनुष्का यादव ने बेटी को जन्म दिया है और यह बच्ची तेज प्रताप की है। कुछ लोगों ने यहां तक कह दिया कि तेज प्रताप पिता बन गए हैं। यह खबर रविवार दोपहर से वायरल हुई। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी एक पोस्ट में बधाई दी (बाद में डिलीट कर दी), जिससे अफवाह और तेज हुई।
तेज प्रताप ने रविवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। उन्होंने कहा, “कुछ महीने पहले जिस महिला से मेरा नाम गलत तरीके से जोड़ा गया था, जिस वजह से मुझे पार्टी से निकाला गया, अब दावा किया जा रहा है कि उसने मेरे बच्चे को जन्म दिया है। यह पूरी तरह झूठ और साजिश है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुष्का यादव और बच्ची से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

तेज प्रताप ने एक नाम भी लिया – आकाश भाटी (या आकाश यादव)। उन्होंने कहा, “यह पता लगाइए कि आकाश भाटी कौन है? अनुष्का यादव का उससे क्या संबंध है? बच्चे का पिता वही है, मेरा नाम क्यों घसीटा जा रहा है?”
बैकग्राउंड: पिछले साल की विवादास्पद घटना
- यह मामला 2025 में शुरू हुआ था, जब तेज प्रताप के फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट वायरल हुई।
- पोस्ट में दावा किया गया कि तेज प्रताप और अनुष्का यादव पिछले 12 साल से रिलेशन में हैं।
- साथ में उनकी तस्वीर भी थी। तेज प्रताप ने बाद में कहा कि उनका अकाउंट हैक किया गया था।
- लेकिन इस पोस्ट के बाद लालू प्रसाद यादव ने उन्हें राजद से और परिवार से निकाल दिया।
- लालू ने कहा कि यह “नैतिक मूल्यों” के खिलाफ है।
तेज प्रताप ने उस समय गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि पांच ‘जयचंदों’ ने उन्हें बदनाम किया – मुकेश रोशन, संजय यादव, शक्ति सिंह यादव, रमीज और सुनील सिंह। उन्होंने दावा किया कि डिप्रेशन में थे और फांसी लगाने की नौबत आ गई थी।
- अनुष्का यादव पटना की रहने वाली हैं और इस विवाद में उनका नाम पहली बार 2025 में आया था।
- उनके भाई आकाश ने भी पहले बयान दिए थे कि परिवार को प्राइवेसी दी जाए।
तेज प्रताप का भावुक बयान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेज प्रताप काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा, “मेरी एक ही बेटी है – कात्यायनी (जो वास्तव में तेजस्वी यादव की बेटी हैं, जिन्हें वे भावनात्मक रूप से अपनी बेटी मानते हैं)। अनुष्का या उसके बच्चे से मेरा कोई संबंध नहीं। विरोधी मुझे मानसिक पीड़ा दे रहे हैं।” उन्होंने विरोधियों से विनती की कि उन्हें शांति से जीने दें।
राजनीतिक असर और सवाल
- यह घटना यादव परिवार की आंतरिक कलह को फिर उजागर करती है।
- तेज प्रताप पहले से ही परिवार से अलग हैं और अपनी पार्टी चला रहे हैं।
- सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों पर सवाल उठ रहे हैं – क्या यह राजनीतिक बदला है
- या सिर्फ वायरल कंटेंट के लिए? पुलिस या कोई जांच अभी तक नहीं हुई है
- लेकिन तेज प्रताप ने इसे साजिश बताया है।
अफवाहों से बचें, सच्चाई जांचें!
यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें कितनी तेज फैलती हैं और किसी की जिंदगी प्रभावित कर सकती हैं। तेज प्रताप ने स्पष्ट इनकार किया है, इसलिए अफवाहों पर विश्वास करने से पहले फैक्ट चेक जरूरी है। बिहार की राजनीति में ऐसे ड्रामे आम हैं, लेकिन परिवार की प्राइवेसी का सम्मान होना चाहिए।
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