भारत की 5वीं पीढ़ी : भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट – यानी भारत का पहला स्वदेशी 5th जनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट – अब प्राइवेट सेक्टर के हाथों में जाने की ओर बढ़ रहा है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की रेस से बाहर हो गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, HAL के बड़े ऑर्डर बुक की वजह से सरकार ने इसे बाहर रखा है, ताकि कंपनी मौजूदा प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर सके। अब टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, L&T और भारत फोर्ज (कल्याणी ग्रुप) फाइनल रेस में बचे हैं।
HAL क्यों बाहर हुई? मुख्य कारण
HAL भारत की सबसे बड़ी एयरोस्पेस कंपनी है और पिछले छह दशकों से हर भारतीय फाइटर जेट का निर्माण करती आई है। लेकिन इस बार AMCA प्रोजेक्ट में HAL की एंट्री नहीं होगी। मुख्य वजहें:

बहुत बड़ा ऑर्डर बुक: HAL के पास LCA तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH), ध्रुव हेलीकॉप्टर जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। मार्च 2025 में 156 अतिरिक्त LCH बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जिसकी डिलीवरी 2028 से शुरू होगी। जनवरी 2026 में पवन हंस के साथ 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टर का 1,800 करोड़ से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट भी साइन हुआ।
सरकार की रणनीति: सरकार चाहती है कि HAL मौजूदा कमिटमेंट्स को समय पर पूरा करे। साथ ही देश में फाइटर एयरक्राफ्ट की पैरलल असेंबली लाइन बनाई जाए, ताकि HAL पर निर्भरता कम हो और प्राइवेट सेक्टर की क्षमता का उपयोग हो।
यह पहली बार है जब HAL भारत के सबसे बड़े एडवांस्ड एयरक्राफ्ट प्रोग्राम से बाहर हुई है।
AMCA प्रोजेक्ट क्या है? मुख्य बातें!
AMCA भारत का 5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है। यह स्वदेशी डिजाइन, स्टेल्थ टेक्नोलॉजी, सुपरक्रूज, एडवांस्ड एवियोनिक्स और बेहतर सेंसर के साथ आएगा। प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:
- प्रोटोटाइप चरण: 5 AMCA प्रोटोटाइप बनाए जाएंगे। पहला प्रोटोटाइप 2028 तक और बाकी 2031 तक तैयार होने हैं।
- बजट: शुरुआती फेज के लिए रक्षा मंत्रालय ने 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
- IAF का ऑर्डर: सफल टेस्टिंग के बाद भारतीय वायुसेना (IAF) शुरुआत में 120 फाइटर जेट्स का ऑर्डर देगी। आगे और बढ़ोतरी संभव है।
- पार्टनरशिप: विजेता कंपनी एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ मिलकर काम करेगी। ADA DRDO की एविएशन डिजाइन ब्रांच है।
कौन-कौन सी कंपनियां बची हैं?
सात कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी। टेक्निकल इवैल्यूएशन के बाद तीन शॉर्टलिस्टेड हुए:
- टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) – टाटा ग्रुप
- C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए एयरबस के साथ फाइनल असेंबली लाइन का अनुभव।
- यह सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) – BEL और Dynamatic Technologies के साथ
- बड़े कॉम्पोनेंट्स, विंग्स और फ्यूजलाज में मजबूत अनुभव।
- भारत फोर्ज (कल्याणी ग्रुप) – BEML और Data Patterns के साथ
- डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से बढ़ती कंपनी।
अन्य दावेदार जैसे अदानी डिफेंस, गुडलक इंडिया, ब्रह्मोस एयरोस्पेस आदि बाहर हो चुके हैं।
आगे क्या? टाइमलाइन और फैसला
- अगले तीन महीने में फाइनल पार्टनर का ऐलान होगा।
- विजेता कंपनी सबसे कम बोली (lowest bidder) के आधार पर चुनी जा सकती है।
- यह प्रोजेक्ट भारत की आत्मनिर्भरता और प्राइवेट-सेक्टर पार्टिसिपेशन की दिशा में बड़ा कदम है।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मई 2025 में ही AMCA को प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोलने का फैसला लिया था।
इसका क्या मतलब है?
HAL के बाहर होने से शेयर मार्केट में भी हलचल मची। HAL के शेयर 8% तक गिरे, जबकि L&T और भारत फोर्ज के शेयर में तेजी आई। यह कदम भारत में प्रतिस्पर्धा, इनोवेशन और फास्टर डेवलपमेंट को बढ़ावा देगा। साथ ही देश में फाइटर जेट की दो अलग अलग असेंबली लाइंस बनेंगी, जो भविष्य में बड़े फायदे देगी।
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