भारतीय अर्थव्यवस्था न्यूज : दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान एक ऐतिहासिक बयान ने सुर्खियां बटोरी हैं। दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकस्टोन के चेयरमैन और सीईओ स्टीफन श्वार्ट्जमैन ने कहा है कि भारत अब विकासशील या उभरता हुआ देश नहीं रहा, बल्कि एक स्थापित शक्ति (established power) बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “हम जानते हैं कि भारत उभर चुका है, और यह बात उन अधिकांश देशों के लिए नहीं कही जा सकती जो आमतौर पर ‘उभरते बाजारों’ (emerging markets) की श्रेणी में आते हैं।”
यह बयान 2026 के दावोस सम्मेलन में दिया गया, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेश और भविष्य की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। ब्लैकस्टोन, जो 1.2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 100 लाख करोड़ रुपये) से अधिक की एसेट्स मैनेज करता है, भारत में रियल एस्टेट और प्राइवेट इक्विटी का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है। श्वार्ट्जमैन का यह कमेंट भारत की तेजी से बदलती वैश्विक छवि को रेखांकित करता है।

भारत की मजबूत स्थिति के पीछे क्या कारण?
श्वार्ट्जमैन ने भारत की सफलता के कई ठोस कारण बताए:
- लंबी ग्रोथ रनवे: भारत के पास विकास की बहुत लंबी राह बाकी है। प्रति व्यक्ति जीडीपी
- अभी लगभग 3,000 डॉलर है, जबकि चीन की 13,000 डॉलर और अमेरिका की 70,000 डॉलर
- से अधिक है। इससे साफ है कि भारत के पास सुधार की अपार गुंजाइश है।
- स्थिर सरकार: मजबूत और स्थिर राजनीतिक नेतृत्व, जो निवेशकों का भरोसा बढ़ाता है।
- पूंजी की जरूरत और जीवन स्तर में सुधार: जनसंख्या की बड़ी संख्या में जीवन स्तर बढ़ाने की गुंजाइश।
- बुद्धिमान और मेहनती लोग: भारतीय लोग काफी इंटेलिजेंट और हार्डवर्किंग हैं, जो विकास की बुनियाद है।
उन्होंने कहा, “यह फॉर्मूला भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए परफेक्ट है।”
भारतीय शेयर बाजार पर श्वार्ट्जमैन की राय
भारतीय स्टॉक मार्केट के बारे में श्वार्ट्जमैन ने कहा कि पिछले 5 सालों में भारतीय बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि बाजार भावनात्मक और अनप्रेडिक्टेबल होते हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में गिरावट या ‘कम फैशनेबल’ होना सामान्य है। लॉन्ग-टर्म में भारतीय बाजार बुल मार्केट में ही रहेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक निवेशक चीन से मुंह मोड़कर भारत की ओर देख रहे हैं। ब्लैकस्टोन भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट क्रेडिट में और विस्तार करने की योजना बना रहा है।
एआई क्रांति पर भी बात
- श्वार्ट्जमैन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बिजली या स्टीम इंजन की खोज जितनी क्रांतिकारी बताया।
- उन्होंने कहा कि पिछली क्रांतियों ने दुनिया को बदलने में 50 साल लगाए
- लेकिन AI सिर्फ 10 साल में यह कर दिखाएगा। हालांकि कुछ कंपनियों में ओवरवैल्यूएशन
- और हाइप है, लेकिन 1999 या 2007 जैसा बड़ा बबल नहीं बनेगा।
भारत के लिए क्या मतलब?
- यह बयान भारत की आर्थिक सफलता की वैश्विक मान्यता है। भारत अब सिर्फ उभरता बाजार नहीं
- बल्कि वैश्विक विकास में अहम भूमिका निभाने वाला देश है।
- स्थिर सरकार, युवा जनसंख्या, डिजिटल क्रांति, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
- से भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत हो रही है।
दावोस में भारतीय मंत्रियों ने भी कहा कि भारत अब उभरता अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक ग्रोथ, सप्लाई चेन, डेमोक्रेटिक स्टेबिलिटी और इनोवेशन का केंद्र है। श्वार्ट्जमैन जैसे बड़े निवेशक का बयान विदेशी पूंजी के लिए और दरवाजे खोलेगा।
भारत की यह उपलब्धि गर्व की बात है। जहां दुनिया के बड़े निवेशक भारत को ‘स्थापित शक्ति’ कह रहे हैं, वहीं हमें अपनी मेहनत, नीतियों और क्षमता पर भरोसा बढ़ाना चाहिए। भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन चुनौतियां भी हैं। स्मार्ट निवेश, स्किल डेवलपमेंट और सस्टेनेबल ग्रोथ से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बन सकता है।
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