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विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज में देरी कांग्रेस नेताओं ने CBFC पर लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप

On: January 9, 2026 8:09 AM
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विजय की फिल्म

विजय की फिल्म : तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म जना नायकन (Jana Nayagan) की रिलीज में बड़ी देरी हो गई है। मूल रूप से 9 जनवरी 2026 को पोंगल पर रिलीज होने वाली यह फिल्म अब अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है। कारण है सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा सेंसर सर्टिफिकेट न जारी करना। इस विवाद पर कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार और CBFC की कड़ी आलोचना की है, इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला और संस्थाओं के राजनीतिकरण का उदाहरण बताया है।

फिल्म का निर्देशन कार्तिक सुब्बाराज ने किया है और यह विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि वे अब पूर्ण रूप से राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं। निर्माताओं ने 27 कट्स मानने के बावजूद सर्टिफिकेट नहीं मिलने पर मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने 8 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, और अब 9 जनवरी को आदेश सुनाया जाएगा। इस देरी से निर्माताओं को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, और टिकट बुकिंग रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

विजय की फिल्म
विजय की फिल्म

कांग्रेस नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को सीधे निशाने पर लिया।

विरुदुनगर सांसद बी. मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मोदी सरकार RSS-समर्थित कथानकों में जनता के विश्वास की कमी को सिनेमा पर नियंत्रण करके छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का हवाला देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को डर के माध्यम से कमजोर किया जा रहा है। ED, CBI और आयकर विभाग की तरह अब CBFC को भी असहमति दबाने का हथियार बनाया गया है।

  • करूर सांसद एस. जोतिमनी ने कहा कि एक फिल्म में सैकड़ों लोगों की मेहनत और करोड़ों का निवेश होता है।
  • इसे राजनीतिक कारणों से रोकना रचनात्मक स्वतंत्रता के खिलाफ है। पूर्व CBFC सदस्य
  • के रूप में उन्होंने बोर्ड को पुराना और राजनीतिक उपकरण बताया।

AICC तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर ने प्रधानमंत्री को टैग करते हुए लिखा कि राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग बंद हो। तमिलनाडु के लोग कलात्मक अभिव्यक्ति को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना बनाने नहीं सहेंगे। उन्होंने कहा, “मोदी जी, राजनीतिज्ञ विजय से मुकाबला करें, अभिनेता विजय से नहीं।”

  • प्रवीण चक्रवर्ती ने राहुल गांधी के 2017 के ट्वीट का जिक्र किया, जिसमें तमिल संस्कृति
  • को दबाने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने इसे तमिल लोगों का अपमान बताया।

#कांग्रेस का कहना है कि यह देरी जानबूझकर की गई है, जो लोकतंत्र और रचनात्मकता पर हमला है।

विवाद की वजह क्या है?

CBFC की एग्जामिनिंग कमिटी में चार सदस्यों ने U/A 16+ सर्टिफिकेट की सिफारिश की थी, लेकिन एक सदस्य की असहमति और शिकायत के बाद मामला रिवाइजिंग कमिटी को भेज दिया गया। आपत्तियां हिंसा के स्तर, डिफेंस एम्ब्लम के इस्तेमाल आदि पर हैं। निर्माताओं का कहना है कि सभी कट्स मान लिए गए, फिर भी सर्टिफिकेट रोका जा रहा है। कई लोग इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ रहे हैं, खासकर विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के उदय के संदर्भ में।

  • तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने भी विजय का समर्थन किया है। कई निर्देशकों और कलाकारों ने
  • कहा कि सिनेमा के लिए मुश्किल समय है। हालांकि, DMK ने इसे ‘ड्रामा’ बताया
  • जिससे INDIA गठबंधन में मतभेद की चर्चा हो रही है।

तमिल सिनेमा और राजनीति का पुराना रिश्ता

तमिलनाडु में सिनेमा और राजनीति का गहरा संबंध रहा है। विजय की यह फिल्म उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के बीच आखिरी सिनेमाई पारी है। पहले भी उनकी फिल्में जैसे ‘मर्सल’ GST पर विवाद में फंसी थीं। यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सेंसरशिप और राजनीतिक हस्तक्षेप की बहस छेड़ रहा है।

  • जना नायकन की रिलीज स्थगित होने से विजय के फैंस निराश हैं, लेकिन कांग्रेस का समर्थन और
  • कोर्ट का हस्तक्षेप उम्मीद जगाता है। अगर हाई कोर्ट सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश देता है,
  • तो नई रिलीज डेट जल्द घोषित हो सकती है। यह विवाद सिर्फ एक फिल्म की रिलीज से
  • आगे बढ़कर सिनेमा की आजादी और संस्थाओं की स्वतंत्रता का सवाल बन गया है।
  • विजय फैंस के लिए इंतजार लंबा हो सकता है, लेकिन फिल्म का इंतजार और बढ़ गया है!

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