बीजेपी सांसद मनोज तिवारी : मुंबई में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीजेपी सांसद और प्रसिद्ध भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी के अंधेरी वेस्ट स्थित फ्लैट से 5.40 लाख रुपये की नकदी चोरी हो गई। आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि उनका पूर्व घरेलू सहायक सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा निकला, जिसे दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी वारदात CCTV फुटेज की वजह से पकड़ी गई। लाइव हिंदुस्तान और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स (20 जनवरी 2026) के अनुसार, आरोपी ने डुप्लीकेट चाबियों का इस्तेमाल किया। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स, कैसे हुई चोरी, पुलिस की कार्रवाई और क्या है बैकग्राउंड।
चोरी की पूरी कहानी: दो किस्तों में हुई वारदात
मनोज तिवारी का फ्लैट मुंबई के अंधेरी वेस्ट, शास्त्री नगर, सुंदरबन अपार्टमेंट में है। यहां उनकी मैनेजर प्रमोद जोगेंद्र पांडे (20 साल से साथ) रहते हैं।

- जून 2025: अलमारी से 4.40 लाख रुपये गायब हुए। तब चोर का पता नहीं चला, लेकिन शक हुआ क्योंकि ताला नहीं टूटा था।
- दिसंबर 2025: सुरक्षा के लिए फ्लैट में गुप्त CCTV कैमरे लगवाए गए।
- 15 जनवरी 2026: रात करीब 9 बजे CCTV में दिखा कि सुरेंद्र शर्मा डुप्लीकेट चाबियों से फ्लैट में घुसा। वह बेडरूम में गया, अलमारी खोली और 1 लाख रुपये निकाले।
- मोबाइल अलर्ट मिलने पर मैनेजर ने बिल्डिंग सिक्योरिटी को सूचना दी। गार्ड ने आरोपी को पकड़ा, 1 लाख रुपये बरामद हुए। फुटेज दिखाने पर आरोपी ने कबूल लिया कि जून वाली चोरी भी उसने की थी। कुल 5.40 लाख की चोरी।
आरोपी कौन है? सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा
- मनोज तिवारी का पूर्व घरेलू सहायक।
- दो साल पहले डुप्लीकेट चाबियां इस्तेमाल करने के कारण निकाला गया था।
- उसके पास अभी भी मुख्य दरवाजे, बेडरूम और अलमारी की डुप्लीकेट चाबियां थीं।
- पूछताछ में चोरी कबूल की।
- अंबोली पुलिस ने FIR दर्ज की और गिरफ्तार किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
- मैनेजर प्रमोद पांडे ने अंबोली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की।
- CCTV फुटेज से आरोपी की पहचान हुई।
- बिल्डिंग गार्ड ने पकड़ा, फिर पुलिस को सौंपा।
- आरोपी ने जुर्म कबूल किया।
- पुलिस अब चोरी की रकम की रिकवरी और आगे की जांच कर रही है। क्या आरोपी ने और कहीं चोरी की? यह भी देखा जा रहा है।
मनोज तिवारी का बैकग्राउंड
मनोज तिवारी उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद हैं। वे भोजपुरी सुपरस्टार, गायक और अभिनेता रहे हैं। राजनीति में आने से पहले कई हिट गाने और फिल्में कीं। यह घटना उनकी निजी सुरक्षा पर सवाल उठाती है। अभी तक मनोज तिवारी का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन मामला पुलिस के हाथ में है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
- घरेलू कर्मचारी पर भरोसा टूटने का बड़ा उदाहरण।
- डुप्लीकेट चाबियों का खतरा – कई घरों में ऐसा होता है।
- CCTV की अहमियत साबित हुई, जिसने चोर को पकड़ा।
- सेलेब्स और नेताओं की सुरक्षा पर फिर चर्चा।
सोशल मीडिया पर लोग हैरान हैं कि पुराना कर्मचारी इतने साल बाद भी चाबियां रखे था। कई कह रहे हैं कि नौकर रखते समय बैकग्राउंड चेक जरूरी है।
यह घटना 20 जनवरी 2026 को सामने आई और तेजी से वायरल हो रही है। क्या आपको लगता है कि CCTV हर घर में जरूरी होना चाहिए? कमेंट में बताएं!







