प्रजनन स्वास्थ्य बहस 2026 : अमेरिका में प्रजनन स्वास्थ्य और ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर चल रही बहस एक बार फिर गरम हो गई है। 15 जनवरी 2026 को यूएस सीनेट हियरिंग के दौरान रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली ने भारतीय मूल की डॉक्टर निशा वर्मा से बार-बार सवाल किया – “क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?” यह सुनवाई गर्भपात दवाओं (मिफेप्रिस्टोन) की सुरक्षा पर केंद्रित थी, लेकिन सवाल ने जैविक लिंग, जेंडर आइडेंटिटी और विज्ञान पर गहरी बहस छेड़ दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है।
बहस की पूरी कहानी: क्या हुआ सीनेट हियरिंग में?
यह घटना डर्कसेन सीनेट ऑफिस बिल्डिंग में हेल्थ, एजुकेशन, लेबर एंड पेंशन कमिटी की सुनवाई के दौरान हुई। सुनवाई का विषय था – “प्रोटेक्टिंग वुमन: एक्सपोजिंग द डेंजर्स ऑफ केमिकल एबॉर्शन ड्रग्स”। डॉक्टर निशा वर्मा, जो फिजिशियंस फॉर रिप्रोडक्टिव हेल्थ की सीनियर एडवाइजर और OB-GYN हैं, डेमोक्रेटिक पक्ष से गवाह के रूप में पेश हुईं।
डॉक्टर वर्मा ने अपनी ओपनिंग में कहा कि मिफेप्रिस्टोन दवा 100 से ज्यादा हाई-क्वालिटी पीयर-रिव्यूड स्टडीज में सुरक्षित और प्रभावी साबित हुई है। उन्होंने मरीजों की जटिलताओं पर जोर दिया और राजनीतिक दबाव से बचने की बात कही।

लेकिन बहस तब गरमाई जब सीनेटर एशले मूडी (फ्लोरिडा) और मुख्य रूप से जोश हॉली (मिसौरी) ने सवाल किया – “क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं?” हॉली ने इसे बार-बार दोहराया और डॉक्टर से हां या ना में जवाब मांगा। उन्होंने कहा, “यह जैविक सच्चाई है। केवल जैविक महिलाएं ही गर्भवती हो सकती हैं। पुरुष नहीं।”
डॉक्टर निशा वर्मा ने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा,
- “मैं विभिन्न पहचान वाले मरीजों का इलाज करती हूं… मुझे ध्रुवीकरण से रहित बातचीत में खुशी होगी।”
- “प्रश्न का उद्देश्य क्या है? मैं विज्ञान जानती हूं और मरीजों के जटिल अनुभवों का प्रतिनिधित्व करती हूं।”
हॉली ने डॉक्टर पर हमला बोलते हुए कहा,
- “आप विज्ञान की बात करती हैं, लेकिन बेसिक बायोलॉजिकल रियलिटी को नहीं मानतीं।
- जैविक पुरुष और महिला में अंतर है। महिलाएं गर्भवती होती हैं, पुरुष नहीं।”
- उन्होंने इसे महिलाओं की सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ा।
हॉली ने बाद में X (ट्विटर) पर क्लिप शेयर कर लिखा – “SPOILER ALERT: Men cannot get pregnant.”
कौन हैं डॉक्टर निशा वर्मा?
डॉक्टर निशा वर्मा भारतीय मूल की अमेरिकी OB-GYN हैं। वे नॉर्थ कैरोलिना में जन्मीं और जॉर्जिया व मैसाचुसेट्स में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं देती हैं। वे ट्रांसजेंडर और नॉन-बाइनरी मरीजों के इलाज पर फोकस करती हैं। समर्थक उन्हें “कॉम्प्लेक्सिटी को स्पेस देने” वाली बताते हैं, जबकि आलोचक कहते हैं कि उन्होंने बेसिक सवाल से बचाव किया।
बहस का व्यापक संदर्भ: जैविक तथ्य vs जेंडर आइडेंटिटी
- यह बहस अमेरिका में ट्रांसजेंडर पुरुष (ट्रांस मेन) के प्रजनन स्वास्थ्य पर केंद्रित है।
- ट्रांस मेन जो जैविक रूप से महिला हैं लेकिन पुरुष के रूप में पहचान रखते हैं
- वे गर्भवती हो सकते हैं। डॉक्टर वर्मा इसी जटिलता पर जोर दे रही थीं
- जबकि सीनेटर हॉली जैविक लिंग (biological sex) पर अड़े थे।
यह मुद्दा रो बनाम वेड के बाद गर्भपात अधिकारों, ट्रांसजेंडर हेल्थकेयर और राजनीतिक ध्रुवीकरण से जुड़ा है। रिपब्लिकन पार्टी गर्भपात विरोधी नीतियों पर जोर देती है, जबकि डेमोक्रेट्स समावेशी भाषा और मरीज-केंद्रित देखभाल की बात करते हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं!
वीडियो वायरल होने के बाद:
- कुछ यूजर्स ने हॉली को “ट्रुथ बोलने वाला” कहा।
- दूसरों ने डॉक्टर वर्मा की तारीफ की कि उन्होंने “बैड-फेथ” सवाल से बचाव किया।
- बहस ने जेंडर, साइंस और पॉलिटिक्स के बीच टकराव को फिर उजागर किया।
निष्कर्ष यह घटना दिखाती है कि आज के समय में प्रजनन स्वास्थ्य सिर्फ मेडिकल नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है। जैविक तथ्य और जेंडर पहचान के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए – यह सवाल अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए चुनौती है। डॉक्टर निशा वर्मा और सीनेटर जोश हॉली की यह बहस लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
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