अजीत डोभाल : भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को “भारत का जेम्स बॉन्ड” कहा जाता है। 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे डोभाल आज भी देश की सुरक्षा के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। 20 जनवरी 2026 को उनके जन्मदिन पर फिर से उनकी पाकिस्तान में बिताई गई 7 साल की अंडरकवर जासूसी की कहानी सुर्खियों में है। लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट में एक दिलचस्प घटना का जिक्र है, जब एक पाकिस्तानी मौलाना ने उन्हें पहचान लिया और कहा, “तुम हिंदू हो, पहले प्लास्टिक सर्जरी करवा लो!” यह किस्सा डोभाल ने खुद एक कार्यक्रम में सुनाया था। आइए जानते हैं पूरी कहानी, बैकग्राउंड और क्यों इसे इतना रोमांचक माना जाता है।
अजीत डोभाल का जासूसी सफर: 7 साल पाकिस्तान में मुसलमान बनकर
1980 के दशक में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अंडरकवर एजेंट के रूप में अजीत डोभाल पाकिस्तान में रहे। वे लाहौर, इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे शहरों में घूमे। खुद को मुसलमान बनाकर मस्जिदों में नमाज पढ़ी, दोस्ती की और खुफिया जानकारी जुटाई। उनका मकसद था पाकिस्तान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, आतंकी गतिविधियों और दाऊद इब्राहिम जैसे माफिया की जानकारी इकट्ठा करना।

- डोभाल ने एक बार विदर्भ मैनेजमेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम में यह घटना शेयर की।
- वे एक मुसलमान के साथ रह रहे थे। एक दिन वे लाहौर की एक मशहूर मजार (श्राइन)
- के पास से गुजर रहे थे, जहां बहुत भीड़ होती थी। एक लंबी सफेद दाढ़ी वाले व्यक्ति ने उन्हें रोका और पूछा, “तुम हिंदू हो?”
डोभाल ने इनकार किया, “नहीं।” लेकिन व्यक्ति उन्हें एक छोटे कमरे में ले गया, दरवाजा बंद किया और बोला, “देखो, मैं जानता हूं तुम हिंदू हो। तुम्हारे कान छिदे हुए हैं!”
- भारत में, खासकर गढ़वाली संस्कृति में, बचपन में लड़कों के कान छिदवाने की परंपरा है।
- पाकिस्तान में मुसलमानों में यह आम नहीं था। डोभाल ने तुरंत जवाब दिया
- “हां, बचपन में छिदवाए थे, लेकिन बाद में मैंने इस्लाम कबूल कर लिया है।”
प्लास्टिक सर्जरी की सलाह और बड़ा खुलासा
- व्यक्ति ने फिर कहा, “नहीं, तुमने कन्वर्ट नहीं किया। तुम्हें प्लास्टिक सर्जरी करवानी चाहिए
- वरना बाहर वाले शक कर सकते हैं।” फिर उसने अलमारी खोली और भगवान
- शिव और मां दुर्गा की मूर्तियां दिखाईं। बोला, “मैं भी इनकी पूजा करता हूं,
- लेकिन बाहर लोग मुझे मुस्लिम धार्मिक शख्सियत मानते हैं। मैं भी हिंदू हूं, इसलिए तुम्हें पहचान गया।”
यह व्यक्ति खुद हिंदू था, जो परिवार की हत्या के बाद पाकिस्तान में भेष बदलकर जी रहा था। डोभाल ने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने कान की प्लास्टिक सर्जरी करवाई ताकि उनकी पहचान कभी न खुल सके। हालांकि, आज भी हल्का निशान दिखता है।
डोभाल का बैकग्राउंड और उपलब्धियां!
- 1968 में IPS जॉइन किया (केरल कैडर)।
- मिजोरम, पंजाब, कश्मीर में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन।
- ऑपरेशन ब्लैक थंडर में गोल्डन टेम्पल में रिक्शा चालक बनकर घुसे।
- IB चीफ रहे, अब NSA।
- सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे ऑपरेशन में अहम भूमिका।
- पूर्व IB चीफ ए.एस. दुलत ने कहा कि पाकिस्तान में वे डिप्लोमेट थे, लेकिन कहानियां जासूसी वाली हैं।
यह किस्सा डोभाल की बहादुरी, साहस और खुफिया क्षमता को दिखाता है। पाकिस्तान में 7 साल रहकर भी कोई भनक नहीं लगी। सोशल मीडिया पर लोग इसे “भारत का सबसे बड़ा जासूस” कह रहे हैं।
Read More : टाटा ग्रुप तेजस नेटवर्क्स शेयर नए निचले स्तर पर, 52 हफ्ते के हाई से 70% से ज्यादा टूटा!









