सीएम योगी आदित्यनाथ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों का करारा जवाब दिया है। 3 फरवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित पहले उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए?” यह बयान ऐसे समय में आया है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में यूपी पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ (पैर में गोली मारने वाली घटनाओं) पर सवाल उठाए थे और कहा था कि पुलिस के पास दंड देने का अधिकार नहीं है।
जीरो टॉलरेंस नीति: अपराध पर कोई समझौता नहीं
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की नीति अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। इसमें किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा, “कानून सभी के लिए बराबर है। कोई अपना या पराया नहीं। अगर कोई अपना व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उस पर वही कठोर कानून लागू होगा जो माफिया पर लागू होता है।”

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, “हमने हमेशा प्रयास किया कि कार्रवाई कानून के दायरे में हो, लेकिन अगर अपराधी कानून से भयभीत नहीं है, तो उसे उसी की भाषा में समझाना तात्कालिक परिस्थिति की मांग हो जाती है।” उन्होंने जोर दिया कि पुलिस का प्रशिक्षण इसी लिए होता है कि अपराधी जिस भाषा में समझता है, उसे उसी भाषा में जवाब दिया जा सके।
“पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए?” – सवाल पर सवाल
- मुख्यमंत्री ने लोगों के सवालों का जिक्र करते हुए पूछा, “बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं
- कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी? मैं पूछता हूं कि पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए
- उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते। अगर अपराधी को गोली
- चलाने की स्वतंत्रता है, तो पुलिस के पास भी पिस्तौल इसलिए है कि वह डटकर मुकाबला कर सके।
यह बयान पुलिस के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। योगी ने कहा कि जब पुलिस ने अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना शुरू किया, तभी प्रदेश में बदलाव आया। आज उत्तर प्रदेश में दंगा-फसाद, गुंडा टैक्स या अराजकता की कोई बात नहीं होती। पिछले 9 वर्षों में बड़े त्योहार शांति से संपन्न हुए हैं।
पूर्व सरकारों पर निशाना, निवेश का बेहतर माहौल
- सीएम योगी ने पूर्व सरकारों (खासकर 2012-2017 के बीच) पर तंज कसते हुए कहा
- कि उस समय 900 से ज्यादा दंगे हुए थे। हर शहर में कर्फ्यू लगा होता था और गुंडा
- टैक्स आम बात थी। लेकिन अब सुरक्षा का माहौल इतना मजबूत है कि उत्तर प्रदेश
- देश-दुनिया के लिए निवेश का बेहतरीन गंतव्य बन चुका है।
भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ लड़ाई बिना भेदभाव के जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति गलत करेगा, तो उसे भी माफिया की तरह परिणाम भुगतने होंगे।
हाईकोर्ट की फटकार के बीच योगी का रुख
- यह बयान हाईकोर्ट की टिप्पणी के ठीक बाद आया है, जहां कोर्ट ने हाफ
- एनकाउंटर पर पुलिस की आलोचना की थी। योगी ने अप्रत्यक्ष रूप से विरोधियों
- (जैसे अखिलेश यादव) पर भी निशाना साधा, जो एनकाउंटर पर सवाल उठाते हैं।
- उनका संदेश साफ है – अपराधी को जवाब देना पुलिस का कर्तव्य है, न कि गोली खाना।
यूपी में कानून-व्यवस्था का नया दौर
योगी सरकार के इस रुख से यूपी में अपराध दर में कमी आई है। माफिया, गुंडों और अपराधियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। यह बयान न केवल पुलिस को समर्थन देता है, बल्कि निवेशकों को भी आश्वस्त करता है कि प्रदेश सुरक्षित और शांतिपूर्ण है।
क्या यह नीति अपराध को जड़ से खत्म कर पाएगी? या विवाद बढ़ाएगी? समय बताएगा। लेकिन फिलहाल, सीएम योगी का यह बयान चर्चा में छाया हुआ है और अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी है।








