Sawariya Seth Mandir: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर के दर्शन करें! जानिए सांवलिया जी का इतिहास, आरती का समय, कथा और यहाँ पहुँचने का आसान तरीका।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित सांवरिया सेठ मंदिर (सांवलिया जी) देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था का केंद्र है। भगवान श्री कृष्ण के रूप ‘सांवलिया सेठ’ को समर्पित यह धाम अपनी अद्भुत मान्यताओं और अलौकिक महिमा के लिए जाना जाता है। यहाँ भक्त भगवान को केवल ईश्वर ही नहीं, बल्कि अपना बिजनेस पार्टनर भी मानते हैं।
Sawariya Seth Mandir
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मंदिर का इतिहास और पौराणिक कथा

- सांवलिया जी मंदिर का इतिहास लगभग 1847 के आसपास का माना जाता है।
- जनश्रुति के अनुसार, मंडफिया गांव के पास कागुड़ा में सड़क निर्माण के दौरान खुदाई करते
- समय भगवान कृष्ण की तीन अत्यंत सुंदर और चमत्कारिक मूर्तियां निकली थीं।
- इनमें से सबसे बड़ी मूर्ति को मंडफिया गाँव में स्थापित किया गया, जिसे आज भव्य सांवरिया सेठ मंदिर के नाम से जाना जाता है।
अनोखी मान्यता: भगवान बनते हैं व्यापार में पार्टनर

- इस धाम की सबसे अनोखी बात यह है
- कि व्यापारी और भक्त अपने व्यापार या कार्य में भगवान सांवरिया सेठ को अपना हिस्सेदार (बिजनेस पार्टनर) बनाते हैं।
- व्यापार में मुनाफा होने पर भक्त अपनी मन्नत के अनुसार लाभ का एक निश्चित हिस्सा मंदिर के दानपात्र में समर्पित करते हैं।
- यही कारण है कि यहाँ का दानपात्र हमेशा करोड़ों के चढ़ावे से भरा रहता है।
दर्शन का समय और आरती (Darshan Timing)
- मंदिर खुलने का समय: सुबह 05:00 बजे से रात 11:00 बजे तक।
- मंगला आरती: सुबह 05:30 बजे
- राजभोग आरती: दोपहर 12:15 बजे
- संध्या आरती: शाम 07:00 बजे (विशेष पर्वों और त्योहारों पर आरती और दर्शन के समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है।)
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कैसे पहुंचे?
यह मंदिर चित्तौड़गढ़ शहर से लगभग 40 किमी और उदयपुर से 80 किमी की दूरी पर ‘मंडफिया’ गांव में स्थित है। आप चित्तौड़गढ़ या उदयपुर रेलवे स्टेशन/हवाई अड्डे से बस या टैक्सी लेकर आसानी से यहाँ पहुंच सकते हैं।